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हाईवे पर तेज रफ्तार डबल डेकर बस पलटी, 10 यात्री घायल

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बाराबंकी।लखनऊ–अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर देर रात एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें दो युवतियों समेत कुल 10 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा नगर कोतवाली क्षेत्र के नारेपुरवा गांव के पास हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि चालक लगातार तेज रफ्तार में बस चला रहा था और यात्रियों ने रात के समय नशे की आशंका भी जताई। यह कोई पहला मामला नहीं है जब तेज रफ्तार हादसे की वजह हो, पूर्व में भी जिले में कई भीषण सड़क हादसे हुए हैं जिनमें तेज रफ्तार के चलते दर्जनों लोग जान गवा चुके हैं। ऐसे में जिले की यातायात पुलिस को समय-समय पर स्पीडोमीटर की मदद से व्यापक जांच अभियान चलाना चाहिए।
 हादसे का पूरा मंजर 
गोला बस सर्विस की यह डबल डेकर बस गोरखपुर से दिल्ली जा रही थी। बस संख्या BR 28 P 5533 रविवार शाम करीब 50 यात्रियों को लेकर रवाना हुई थी। यात्रियों का आरोप है कि चालक पूरे रास्ते तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था। रात करीब 1 बजे बस नगर कोतवाली क्षेत्र के चौपला ढाबे पर लगभग 30–40 मिनट रुकी। यात्रियों ने बताया कि इसी दौरान चालक शराब का सेवन कर रहा था। रात 2 बजे नारेपुरवा गांव के पास बस चालक का नियंत्रण हट गया और बस हाईवे किनारे पलट गई।
 अफरा-तफरी और बचाव प्रयास 
बस पलटते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। फंसे यात्रियों की चीख सुनकर ग्रामीण और राहगीर तुरंत पहुंचे और डायल 112 पर सूचना दी। डायल 112 टीम, नगर कोतवाल सुधीर सिंह और सीओ सिटी संगम कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद घायल यात्रियों को बस से सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे के बाद चालक और परिचालक फरार हो गए। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
 घायल यात्रियों की पहचान
पुलिस ने अस्पताल में भर्ती यात्रियों की पहचान कर उनका इलाज शुरू कराया। घायलों में आमना (पिता हसरत अली, गोविंदपुरी, नई दिल्ली), विजया सिंह (24, पिता राकेश सिंह, शिवघर, सीतामढ़ी, बिहार), अनुरुद्ध चौधरी (30, पिता स्व. सियाराम चौधरी, बड़ेवन, बस्ती), आमिर रज़ा (26, पिता हसन रज़ा, मुगलहा मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर), तबरेज़ आलम (27, पिता जमील अहमद, सहजनवा, गोरखपुर), शिवा जायसवाल (19, पिता मनोज जायसवाल, चौरी चौरा बाजार, गोरखपुर), प्रदीप निषाद (पिता राम, महराजगंज), खेमचंद्र (33, पिता प्रकाश चंद्र, मंडी, हिमाचल प्रदेश), मोहम्मद अनीस (43, पिता मोहम्मद हनीफ, जाकिर नगर, ओखला, नई दिल्ली), मनोज कुमार (58, पिता स्व. विश्वनाथ, मंगल बाजार, बस्ती) शामिल हैं। अन्य यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया।
तेज़ रफ्तार और नशा: खतरे की घंटी 
यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि रात में अधिकतर बस और ट्रक चालक तेज रफ्तार के साथ वाहन चलाते हैं और कई बार नशे में रहते हैं। इसी कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि परिवहन विभाग और पुलिस को नियमित रूप से स्पीडोमीटर द्वारा चालान करने और हाईवे पर स्पीड चेकिंग अभियान चलाने की आवश्यकता है। समय-समय पर ऐसे अभियान से तेज रफ्तार वाहन चालकों और नशे में वाहन चलाने वालों पर नियंत्रण रखा जा सकता है और यातायात दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।
 सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कदम आवश्यक 
पुलिस ने बस चालक और परिचालक की तलाश तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि चालक की गिरफ्तारी और पूरी जांच के बाद ही हादसे का सही कारण सामने आएगा। इसके अलावा यातायात विभाग ने हाईवे पर नियमित स्पीड चेकिंग, ड्राइवरों के नशा परीक्षण और ड्राइवर प्रशिक्षण अभियान को तेज करने की योजना बनाई है, ताकि भविष्य में ऐसे खतरनाक हादसों को रोका जा सके।
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