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बरसात और धूप के बीच बढ़ रहा वायरल बुखार, बचाव ही सबसे बड़ा उपचार तेज बुखार वा सर्दी जुखाम होने पर ले डॉ से सलाह
- दैनिक लोक भारती
- 21 Jul, 2026
बरसात और धूप के बीच बढ़ रहा वायरल बुखार, बचाव ही सबसे बड़ा उपचार तेज बुखार वा सर्दी जुखाम होने पर ले डॉ से सलाह
श्रावस्ती।,बरसात और तेज धूप के बदलते मौसम का असर अब लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी और शरीर में दर्द की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है, ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
डॉ.एनएन.पाण्डेय सीनियर फिजिशियन
डॉ.एनएन.पाण्डेय सीनियर फिजिशियन सयुक्त जिला चिकित्सालय श्रावस्ती ने बताया कि इन दिनों वायरल फीवर के मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हो गई है। वायरल संक्रमण में तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, गले में खराश, खांसी और कमजोरी जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन न करें और बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
डॉ.अरविंद कुमार सीनियर फिजिशियन
डॉ.अरविंद कुमार सीनियर फिजिशियन सयुक्त जिला चिकित्सालय श्रावस्ती ने बताया कि बरसात के मौसम में दूषित पानी और गंदगी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से उबला या स्वच्छ पानी पीने, ताजा भोजन करने, भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लगातार तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक कमजोरी या तीन दिन से अधिक बुखार रहने पर तुरंत अस्पताल पहुंचकर जांच करानी चाहिए।
घरेलू नुस्खों पर निर्भर के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें चिकित्सकों ने बताया कि अस्पताल में वायरल बुखार के मरीजों के उपचार की समुचित व्यवस्था की गई है। आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं और मरीजों की नियमित जांच की जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों और घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लें।
बचाव के लिए डॉक्टरों की सलाह
स्वच्छ एवं उबला हुआ पानी पीएं।बाहर का खुला और बासी भोजन खाने से बचें।बारिश में भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनें।हाथों की नियमित सफाई करें।बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लें।बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें।मौसम में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से सावधानी बरतने और किसी भी प्रकार के गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या संयुक्त जिला चिकित्सालय में संपर्क करने की अपील की है।
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